सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों में एक वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि 4 दिसंबर को Neem Karoli Baba के दरबार में Army पहुंची और किसी खास घटना को अंजाम दिया। वीडियो में बाबा के भजनों के साथ Army convoy, हेलीकॉप्टर और सैनिकों की फुटेज जोड़ी गई है। कई यूजर्स इसे वास्तविक घटना मानकर साझा कर रहे हैं।
जांच में सामने आया कि वीडियो में दिखाई गई Army की क्लिप किसी आधिकारिक घटना से जुड़ी नहीं है। अधिकतर फुटेज पुरानी है और अलग-अलग जगहों पर रिकॉर्ड की गई थी, जिसे devotional वीडियो के साथ मिलाकर नया संदेश देने की कोशिश की गई है। वीडियो की एडिटिंग से ऐसा माहौल बनाया गया कि यह सब 4 दिसंबर को बाबा के आश्रम में हुआ था।
Neem Karoli Baba के आश्रम, कैंची धाम, या किसी भी आधिकारिक स्रोत की ओर से इस दिन Army के किसी विशेष कार्यक्रम या दौरे की कोई पुष्टि नहीं मिली है। बाबा की जन्मतिथि 30 नवंबर और पुण्यतिथि 11 सितंबर होती है, लेकिन 4 दिसंबर से जुड़ा कोई विशेष ऐतिहासिक या धार्मिक आयोजन दर्ज नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी क्लिप्स अक्सर सोशल मीडिया पर भक्तों की भावनाओं को लक्ष्य बनाकर बनाई जाती हैं। पहले से मौजूद सैन्य वीडियो को आध्यात्मिक संगीत और बड़े दावों के साथ जोड़कर उसे “चमत्कार” या “विशेष दिन” से जोड़ दिया जाता है। इसी कारण कई यूजर्स यह मान लेते हैं कि यह वास्तविक घटना है।
सोशल मीडिया विश्लेषकों ने कहा कि यह वीडियो भी उसी पैटर्न पर बना है। पुराने सैन्य वीडियो को मिलाकर dramatically प्रस्तुत किया गया है, जबकि उसका Neem Karoli Baba या 4 दिसंबर से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
फिलहाल, ऐसे वीडियो के चलते लोगों से अपील की जा रही है कि वे बिना पुष्टि किए किसी धार्मिक या सैन्य दावे पर भरोसा न करें।
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